विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र पर विवाद : हाईकोर्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं, आदिवासी समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी
छत्तीसगढ़ विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नाराज आदिवासी समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार, मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन था। हाईकोर्ट ने हाल ही में इस मामले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रमाण पत्र की जांच कर निर्धारित समय सीमा में निर्णय लिया जाए। लेकिन स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है।
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारी मामले को टाल रहे हैं। समाज के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिलेभर में प्रदर्शन, धरना और चक्काजाम करेंगे।
इस बीच विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दे दिए हैं, तब भी कार्रवाई न होना कानून के शासन पर सवाल उठाता है।
आदिवासी समाज ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आरोप है
06-प्रतापपुर (अ.ज.जा.)
विधायक श्रीमती शकुन्तला सिंह पोर्ते
भारतीय जनता पार्टी












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