प्रेस विज्ञप्ति



*नगर पंचायत कूंरा व खरोरा के अटल परिसरों का वर्चुअल लोकार्पण , विधायक अनुज हुए शामिल*


*अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य को 'बनाया' था, और अब इसे 'सँवारने' की ज़िम्मेदारी हम सबकी है "हमने बनाया है हम ही सवारेंगे"-अनुज*


आज स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जयंती पर सुशासन दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में 115 अटल परिसरों का वर्चुअल लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किया गया| जिसमें धरसींवा विधानसभा के नगर पंचायत कूंरा व खरोरा भी शामिल रहा| वही अटल जी के जयंती पर ग्राम रैता में रक्तदान शिविर व धनेली में युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये केयर स्किल फाउंडेशन द्वारा नि:शुक्ल कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया| जिसमें विधायक अनुज शर्मा सम्मलित हुए | 

विधायक अनुज शर्मा ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी को पुष्प अर्पित कर नमन किया|

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आज हम सबके लिए एक अत्यंत गौरवशाली और भावुक दिन है। आज भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, ओजस्वी वक्ता और हम सबके मार्गदर्शक, 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म-जयंती है। इस पावन अवसर पर, मैं उनकी स्मृतियों को नमन करता हूँ और पूरे राज्य की जनता की ओर से उन्हें कोटि-कोटि श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। अटल जी का व्यक्तित्व इतना विराट था कि उन्होंने न केवल अपनी पार्टी, बल्कि विपक्षी दलों के दिलों में भी सम्मान पाया। उनके जन्मदिन को हम 'सुशासन दिवस' के रूप में मना रहे हैं। अटल जी का मानना था कि "सरकार केवल सत्ता भोगने का साधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का माध्यम है। अटल जी ने आधुनिक भारत की जो नींव रखी, उस पर आज हम एक विकसित भारत का ढांचा खड़ा कर रहे हैं। चाहे वह पोखरण परमाणु परीक्षण के जरिए भारत की शक्ति का अहसास कराना हो, स्वर्ण चतुर्भुज योजना से देश को सड़कों से जोड़ना हो, या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की तस्वीर बदलना हो—उनकी दृष्टि दूरगामी थी|अटल जी ने न केवल भारत के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को स्थान दिया, बल्कि इस माटी के स्वाभिमान को नई पहचान दी। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी कहते थे— "अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।" उनके इसी विश्वास ने 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य की नींव रखी थी। अटल जी का सपना केवल एक नया राज्य बनाना नहीं था। उनका उद्देश्य था कि बस्तर के जंगलों से लेकर सरगुजा की पहाड़ियों तक, अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचे। वे चाहते थे कि यहाँ के आदिवासियों को उनका हक मिले, किसानों के पसीने की सही कीमत मिले और छत्तीसगढ़ अपनी खनिज संपदा के दम पर पूरे देश का "पावर हाउस" बने| अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य को 'बनाया' था, और अब इसे 'सँवारने' की ज़िम्मेदारी हम सबकी है। ' हमने बनाया है हम ही सवारेंगे' केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारा साझा संकल्प है। जब छत्तीसगढ़ विकसित होगा, तभी भारत विकसित होगा।

हम सबको मिलकर अपने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, कार्यकर्तागण, व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे|