*रायपुर प्रेस क्लब चुनाव में नई सियासी हलचल, सुनील नामदेव की एंट्री से मुकाबला हुआ दिलचस्प*
रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव इस बार केवल राजधानी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। प्रेस क्लब पर वर्चस्व को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट समर्थित पत्रकारों ने अपनी-अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे में राजनीतिक दलों की कृपा कुछ चुनिंदा पत्रकारों पर खुलकर बरसती दिखाई दे रही है।
इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार और ‘आज तक’ के पूर्व ब्यूरो चीफ सुनील नामदेव के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है। उन्होंने “क्रांतिकारी पैनल” से अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर चुनाव को नई दिशा दे दी है। “पत्रकार बनाम पत्रकारिता के सौदागर” का नारा देकर सुनील नामदेव ने न सिर्फ युवा पत्रकारों को अपनी ओर आकर्षित किया है, बल्कि बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकारों का भी समर्थन हासिल किया है।
सुनील नामदेव वही पत्रकार हैं, जिन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार की आलोचना करना भारी पड़ा था। कथित तौर पर फर्जी मामलों में उन्हें दो बार जेल भेजा गया, हालांकि दोनों ही मामलों में अदालत ने उन्हें निर्दोष करार देते हुए अभियोजन के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। नामदेव इस संघर्ष को अपनी ताकत मानते हैं और कहते हैं कि जिस तरह उन्होंने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी, उसी तरह अब वे पत्रकारों के हक और सम्मान के लिए संघर्ष करेंगे।
सुनील नामदेव का कहना है कि प्रेस क्लब केवल एक संस्था नहीं, बल्कि पत्रकारों की सामूहिक आवाज होना चाहिए। यदि किसी पत्रकार के साथ अन्याय होता है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाया जाता है या उसका शोषण होता है, तो प्रेस क्लब को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते कुछ वर्षों में प्रेस क्लब राजनीतिक प्रभाव, सत्ता-समीकरण और निजी स्वार्थों की गिरफ्त में चला गया है, जिससे यह संघर्ष के मंच के बजाय समारोह और फोटो सेशन तक सीमित रह गया।
अपने घोषणा पत्र में सुनील नामदेव ने कई अहम वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर प्रेस क्लब के चुनाव तय समय पर नियमित रूप से कराए जाएंगे और कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन पहले ही नए चुनाव की घोषणा की जाएगी। पत्रकारों को नया रायपुर में रियायती दरों पर जमीन या आवास दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही पत्रकारों के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में रियायती शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रेस क्लब में किफायती कैंटीन और बेहतर खान-पान की व्यवस्था भी उनके एजेंडे में शामिल है।
इन वादों और तेवरों के साथ सुनील नामदेव इस बार रायपुर प्रेस क्लब चुनाव में एक मजबूत, मुखर और चर्चित उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आए हैं।







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