Action TESA ने ‘टेसा सलाम’ के साथ मनाया कारपेंटर्स मेगा मीट, बिलासपुर में हुआ भव्य आयोजन


बिलासपुर, छत्तीसगढ़। भारत में एमडीएफ, एचडीएचएमआर, बॉयलिंग वाटर प्रूफ (BWP) एवं पार्टिकल बोर्ड जैसे इंजीनियर्ड पैनल उत्पादों की अग्रणी निर्माता कंपनी Action TESA ने ‘टेसा सलाम’ पहल के अंतर्गत एक भव्य मेगा कारपेंटर्स मीट का आयोजन बुधवार, 18 फरवरी 2026 को होटल सिल्वर ओक, बिलासपुर में किया।

कार्यक्रम में कंपनी के जीएम मनोज उपाध्याय, डीजीएम अमिताभ घोषाल, ब्रांच मैनेजर राजन दीक्षित, विदर्भ एवं छत्तीसगढ़ के समस्त सेल्स प्रतिनिधि, साथ ही बिलासपुर जिले के प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट्स एवं इंटीरियर डिज़ाइनर्स उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कारपेंटर भाइयों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

कारपेंटर्स के योगदान को दिया सम्मान

कार्यक्रम का संचालन करते हुए डीजीएम अमिताभ घोषाल ने कहा कि कंपनी कारपेंटर्स के अमूल्य योगदान को मान्यता देने के लिए समर्पित है। उनकी कारीगरी देशभर के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुंदरता और उपयोगिता का संगम प्रस्तुत करती है।

इस मेगा मीट के माध्यम से उपस्थित कारपेंटर्स की प्रतिभा को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों, आधुनिक मशीनरी और नवाचारी डिज़ाइन ट्रेंड्स की जानकारी भी दी गई। यह पहल कंपनी के ब्रांड दर्शन “कोई नहीं ऐसा” के अनुरूप है, जो उत्कृष्ट गुणवत्ता और नवाचार पर आधारित है।

दशक भर से जुड़ाव और प्रशिक्षण

कंपनी पिछले एक दशक से ऐसे आयोजनों के माध्यम से कारपेंटर्स के साथ निकटता से कार्य कर रही है। इन कार्यक्रमों में उन्हें उत्पादों की तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण एवं बाजार की नई प्रवृत्तियों से अवगत कराया जाता है, जिससे लकड़ी उद्योग में उनकी दक्षता और पहचान मजबूत हो सके।

प्रबंध निदेशक का संदेश

कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अजय अग्रवाल ने वीडियो संदेश के माध्यम से कारपेंटर्स के प्रति अपनी गहरी सराहना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कारपेंटर्स और इंजीनियर्स लकड़ी उद्योग की नींव हैं। उनकी कुशलता, मेहनत और रचनात्मकता ही उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है।

उन्होंने बताया कि ‘टेसा सलाम’ का अर्थ है सम्मान की अभिव्यक्ति। इस पहल का उद्देश्य कारपेंटर्स की सामाजिक एवं व्यावसायिक स्थिति को सशक्त बनाना और उनके परिश्रम व कारीगरी को उचित पहचान दिलाना है, ताकि उद्योग में उनकी भूमिका और अधिक स्पष्ट व मूल्यवान बन सके।

यह आयोजन बिलासपुर में कारपेंटर्स के लिए न केवल सम्मान का अवसर रहा, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का एक प्रेरक मंच भी सिद्ध हुआ।