बच्चों के जोखिम भरे कृत्यों पर सख्ती: स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूलों में आयोजित होने वाले विदाई समारोह एवं अन्य कार्यक्रमों के दौरान बच्चों द्वारा किए जा रहे जोखिमपूर्ण कृत्यों पर रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने संचालक लोक शिक्षण, सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में लिखित अनुशंसा भेजी है।
आयोग की सदस्य डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा है कि हाल के दिनों में समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के छात्र विदाई समारोह या अन्य अवसरों पर चलती गाड़ियों से बाहर निकलकर स्टंट करते, दोपहिया वाहनों पर खतरनाक करतब दिखाते और तेज रफ्तार में वाहन चलाते नजर आए। ऐसे कृत्य बच्चों के अनमोल जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि विद्यालयों में विदाई समारोह या अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, तो उनकी पूर्व सूचना स्कूल प्रबंधन को होना अनिवार्य है तथा इसके लिए एक निर्धारित प्रोटोकॉल तैयार किया जाना चाहिए। कार्यक्रम शिक्षकों की देखरेख में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हों और किसी भी प्रकार की जोखिम भरी गतिविधि न हो, इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो संबंधित विद्यालय प्रमुख को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। आवश्यक होने पर पुलिस अधिकारियों द्वारा स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को गंभीरता और स्नेह के साथ समझाइश दी जाएगी।
आयोग ने शिक्षा विभाग एवं संबंधित कलेक्टरों से इस दिशा में की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी 20 फरवरी 2026 तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने दोहराया है कि बच्चों का जीवन अमूल्य है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज व प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।






0 टिप्पणियाँ