नारायणपुर – नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक सीधी पहुँच बनाई। दुर्गम पहाड़ों, घने जंगलों और उफनती नदियों को पार कर नम्रता जैन स्वयं मोटरसाइकिल से जाटवर पहुँचीं—यह संदेश साफ था कि शासन अब दूर नहीं, आपके द्वार पर है।
दुर्गम से सशक्तिकरण तक
नारायणपुर जिले के संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र अबूझमाड़ में प्रशासन की यह सक्रियता भरोसे का नया अध्याय बनी। कलेक्टर ने तोके, कोड़ेनार और जाटवर गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, समस्याएँ सुनीं और समाधान की ठोस दिशा दी।
सुशासन आपके द्वार’—जाटवर में पहली बार
जाटवर में पहली बार जिला स्तरीय ‘सुशासन आपके द्वार’ शिविर आयोजित हुआ। शिविर में कुल 158 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर शासन की तत्परता साबित हुई।
21 राशन कार्ड
34 जॉब कार्ड
60 जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र
8 जाति प्रमाण पत्र
इसके साथ ही आधार और पेंशन से जुड़े कार्य भी तुरंत पूरे किए गए, जिससे ग्रामीणों को लंबित दस्तावेज़ों के लिए भटकना नहीं पड़ा।
सुरक्षा के साथ संवेदनशीलता
कोड़ेनार पुलिस कैंप में जरूरतमंदों को सामग्री वितरित की गई और बच्चों को स्वेटर दिए गए—सुरक्षा के साथ मानवीय संवेदना का मजबूत संदेश। यह पहल दूरस्थ अंचलों में विश्वास और सहयोग को और गहरा करती है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति
कलेक्टर ने जाटवर में साप्ताहिक बाजार शुरू करने का आश्वासन दिया, जिससे स्थानीय उत्पादों को मंच मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक प्रशासन की सीधी पहुँच, त्वरित सेवाएँ और संवेदनशील निर्णय—यह सब मिलकर दिखाता है कि सुशासन केवल नीति नहीं, मैदान में उतरकर निभाई जाने वाली प्रतिबद्धता है। यह दौरा विकास, भरोसे और सहभागिता की मजबूत नींव रखता







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