//प्रेस विज्ञप्ति//


रायपुर: 24फरवरी 2026


*क्या यही है “ज्ञान, गति का संकल्प”? — बजट में एनएचएम कर्मचारियों की उपेक्षा पर उठे सवाल*

बजट सत्र में कर्मचारियों के साथ धोखा, वादा याद दिलाने विधानसभा घेराव की तैयारी में।


रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट का थीम “ज्ञान के उत्थान, गति की शक्ति से, संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए…” रखा गया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने कहा कि यह थीम राज्य के समग्र विकास और जनकल्याण की दिशा में सकारात्मक संदेश देता है, किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए किसी भी प्रकार की विशेष घोषणा ठोस पहल नहीं की गई।

प्रांतीय प्रवक्ता पुरन दास ने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले एनएचएम कर्मचारी वर्षों से सीमित वेतन, अनिश्चित भविष्य और अस्थिर सेवा शर्तों के बावजूद पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। कोविड काल सहित विभिन्न स्वास्थ्य आपात स्थितियों में इन कर्मचारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 इसके बावजूद बजट में इनके हितों की अनदेखी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

प्रांतीय महासचिव कौशलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से जारी “मोदी की गारंटी” में संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का स्पष्ट संकल्प व्यक्त किया गया था। ऐसे में एनएचएम कर्मचारियों को इस बजट से नियमितीकरण, वेतन विसंगति में सुधार एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित ठोस निर्णयों की अपेक्षा थी।

संघ ने यह भी स्मरण कराया कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा 19 सितम्बर 2025 को चिकित्सा बीमा, ग्रेड पे, एचआर पॉलिसी में सुधार, अनुकम्पा नियुक्ति एवं अन्य मांगों को 3 माह के भीतर पूर्ण करने की घोषणा की गई थी, किंतु आज तक इन मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है, जिससे लगभग 17,500 से ज्यादा कार्यरत कर्मचारियों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

एनएच एम कर्मचारी संघ का मानना है कि यदि राज्य सरकार वास्तव में ज्ञान के उत्थान और गति की शक्ति के साथ आगे बढ़ने का संकल्प रखती है, तो स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।


*एनएचएम कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें:*

• एनएचएम  संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु ठोस एवं स्पष्ट नीति बनाई जाए।

• स्वास्थ्य मंत्री द्वारा 19 सितम्बर 2025 को की गई घोषणाओं (चिकित्सा बीमा, ग्रेड पे, एचआर पॉलिसी सुधार, अनुकम्पा नियुक्ति स्थातरण नीति,आदि) को समयबद्ध रूप से लागू किया जाए।

• सभी 17,500 कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा एवं सेवा स्थिरता प्रदान की जाए।

अंततः प्रश्न यही है कि क्या ज्ञान के उत्थान और गति की शक्ति का संकल्प तब सार्थक होगा, जब स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाले कर्मचारियों की ही अनदेखी की जाए?

एनएच एम कर्मचारी संघ को आशा है कि राज्य सरकार इस विषय की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण निर्णय लेकर कर्मचारियों की अपेक्षाओं को पूरा करेगी।


जारीकर्ता:

NHM कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़