होली पर शराब दुकानें खोलने का विरोध, शिवसेना ने दी चेतावनी


क्राइम और अप्रिय घटनाओं का बढ़ेगा खतरा, जिलाधीश को सौंपा गया ज्ञापन 


छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा होली के दिन शराब दुकानें खोलने के निर्णय के विरोध में शिवसेना मुखर हो गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष धनंजय सिंह चौहान के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। शिवसेना का आरोप है कि नशे के कारण शहर में पहले ही लूट, चोरी, मर्डर और चाकूबाजी जैसी घटनाएं चरम पर हैं। ऐसे में होली जैसे संवेदनशील त्योहार पर शराब दुकानें खोलना किसी बड़ी अप्रिय घटना को निमंत्रण देने जैसा होगा।

शिवसेना ने दी चेतावनी, 

​शिवसेना के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि होली पर शराब भट्टी खोली जाती है और इसके कारण कोई जनहानि या अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन और प्रशासन की होगी। संगठन का कहना है कि त्योहार की मर्यादा और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब बंदी का फैसला अनिवार्य है। वर्तमान में शहर में गोलीबारी और मारपीट जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं, जिसका मुख्य कारण नशा है।

शिवसैनिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर सरकार त्योहार के दिन शराब बेचकर राजस्व कमाना चाहती है या जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती हैं, ​शिवसेना ने प्रशासन को कड़े लहजे में आगाह किया है कि त्योहार की शांति भंग होने की स्थिति में वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने मांग की है कि सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे और होली के दिन शराब दुकानों को पूर्णतः बंद रखने का आदेश जारी करे ताकि शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे।