*जनपद पंचायत पलारी के एसडीओ 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ‘अति का अंत’-लंबे समय से चल रही शिकायते हुई सच*

पलारी- भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जनपद पंचायत पलारी में पदस्थ उप संभागीय अधिकारी (एसडीओ) गोपाल कृष्ण शर्मा को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है, वहीं आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत संदेश बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक आवेदक का राजस्व संबंधी कार्य लंबे समय से एसडीओ कार्यालय में लंबित था। आरोप है कि कार्य निपटाने के बदले अधिकारी द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी। बार-बार की मांग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आवेदक ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।

गुरुवार को जैसे ही आवेदक ने आरोपी अधिकारी को 25 हजार रुपए की पहली किश्त दी, एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर गोपाल कृष्ण शर्मा को रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी के कार्यालय और निवास स्थान की तलाशी ली जा रही है। हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ पहले से ही पंचायत विभाग, मंत्रालय तथा संबंधित उच्च अधिकारियों के पास विभिन्न अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबित थीं। जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय लोगों के बीच उनकी मनमानी कार्यशैली और कथित कमीशनखोरी को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। विभागीय स्तर पर संरक्षण और शिकायतों के दबे रहने के आरोप भी लगते रहे हैं।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि आखिरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई शिकायतों का परिणाम सामने आया। लोगों का कहना है कि अति का अंत निश्चित हैऔर यही कहावत इस मामले में चरितार्थ होती नजर आ रही है। लंबे समय से जारी कथित मनमानी, दबाव और रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के शिकंजे से कोई भी बच नहीं सकता।

मामले की विस्तृत जांच जारी है। वहीं आम नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जनविश्वास बना रहे।