छत्तीसगढ़ – सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जुबान ऐसी फिसली कि अब मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। मंच से भाषण देते हुए मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत को रायपुर की महापौर बता दिया।
मुख्यमंत्री के इस बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि प्रदेश का मुखिया अगर अपने ही राज्य की नगरपालिकाओं और जनप्रतिनिधियों का सही परिचय नहीं जानता, तो प्रशासनिक पकड़ और ज़मीनी जानकारी का क्या हाल होगा?
मंच से हुई गड़बड़ी, तालियों के बीच निकली बड़ी भूल
घटना उस वक्त की है जब मैनपाट में महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उत्साह और तालियों के बीच मुख्यमंत्री ने मंजूषा भगत का नाम लेते हुए उन्हें रायपुर की महापौर कह दिया, जबकि सच्चाई यह है कि वह अंबिकापुर नगर निगम की निर्वाचित महापौर हैं। रायपुर की महापौर बताने की यह गलती मंच पर मौजूद नेताओं और अफसरों ने भी तत्काल सुधारने की जहमत नहीं उठाई।
विपक्ष का तंज – “प्रदेश चला रहे हैं या केवल भाषण?”
वीडियो वायरल होते ही विपक्ष ने तीखा हमला बोल दिया। सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या मुख्यमंत्री को अपने ही प्रदेश की राजधानी रायपुर और संभागीय मुख्यालयों का फर्क नहीं पता… क्या महोत्सवों और आयोजनों की चकाचौंध में प्रशासनिक समझ पीछे छूटती जा रही है?
मैनपाट महोत्सव की खुशी में हुई यह चूक सिर्फ एक नाम की गलती थी या सत्ता के शीर्ष पर बैठी सरकार की ज़मीनी समझ की कमजोरी?




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