📰 31 मार्च 2026 तक टाइटल रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो हमेशा के लिए बंद हो सकता है अखबार
नई दिल्ली/रायपुर। देशभर के समाचार पत्र संपादकों और प्रकाशकों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है। केंद्र सरकार के अधीन Press Registrar General of India (PRGI) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन समाचार पत्रों के टायटल का पंजीकरण अब तक पूरा नहीं हुआ है, उन्हें 31 मार्च 2026 तक हर हाल में प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा ऐसे टायटल को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।
🔴 अंतिम मौका, नहीं तो टायटल खत्म
PRGI के अनुसार, पुराने Press and Registration of Books Act, 1867 के तहत स्वीकृत लेकिन अधूरे रह गए टायटल अब खतरे में हैं। देशभर में ऐसे करीब 6033 टायटल चिन्हित किए गए हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन अभी तक लंबित है। विभाग ने इसे अंतिम अवसर बताया है।
💻 अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत सभी प्रकाशकों को Press Sewa Portal पर जाकर:
- लॉगिन करना होगा
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे
- लंबित आपत्तियों का समाधान करना होगा
समय रहते प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर दोबारा मौका मिलने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
⚖️ बिना रजिस्ट्रेशन प्रकाशन अब अपराध
सरकार ने साफ किया है कि केवल टाइटल कोड के आधार पर अखबार छापना गैरकानूनी है। नया कानून Press and Registration of Periodicals Act, 2023 लागू होने के बाद नियम और सख्त हो गए हैं। अब बिना वैध पंजीकरण:
- अखबार प्रकाशित करना दंडनीय अपराध है
- आर्थिक जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है
📉 अवैध प्रकाशनों से वैध अखबारों को नुकसान
कई क्षेत्रों में प्रशासनिक ढिलाई के चलते अवैध रूप से प्रकाशित हो रहे अखबारों की संख्या बढ़ रही है। इसका असर:
- विज्ञापन वितरण पर पड़ रहा है
- वैध पंजीकृत अखबारों की आय प्रभावित हो रही है
हालांकि अब पत्रकार और प्रकाशक समुदाय भी सक्रिय हो गया है और शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।
⚠️ तकनीकी दिक्कतों से बचने की सलाह
अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण पोर्टल पर लोड बढ़ सकता है। ऐसे में प्रकाशकों को सलाह दी गई है कि:
- अंतिम समय का इंतजार न करें
- जल्द से जल्द आवेदन पूरा करें
📌 आवेदन करते समय रखें खास ध्यान
छोटी-छोटी गलतियों से आवेदन अटक सकता है, जैसे:
- दस्तावेजों में नाम की गलती
- प्रकाशन स्थल की अस्पष्ट जानकारी
- हस्ताक्षर या संपर्क विवरण की कमी
🧾 नया कानून, नई व्यवस्था
नया PRP Act, 2023 डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम को बढ़ावा देता है, जिसमें:
- ऑनलाइन आवेदन
- समयबद्ध प्रक्रिया
- डिजिटल रिकॉर्ड
जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
🗣️ निष्कर्ष
समाचार पत्र का पंजीकरण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उसके कानूनी अस्तित्व की पहचान है। ऐसे में सभी प्रकाशकों के लिए यह जरूरी है कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी या आर्थिक समस्या से बचा जा सके।








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