छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक साथ तीन अवैध कॉल सेंटरों पर दबिश देकर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को रायपुर कमिश्नरेट की अब तक की सबसे बड़ी साइबर कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना गंज और न्यू राजेन्द्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
तीन कॉल सेंटरों से चल रहा था अंतर्राष्ट्रीय ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गंज थाना क्षेत्र के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और न्यू राजेन्द्र नगर स्थित अंजनी टॉवर में कुल 3 कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे। यहां से अमेरिका समेत विदेशों में बैठे लोगों को निशाना बनाकर ठगी की जा रही थी।
गिरोह के मास्टरमाइंड गुजरात के बताए जा रहे हैं, जबकि पकड़े गए आरोपी गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, पंजाब और मेघालय के रहने वाले हैं।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम (5 स्टेप में पूरा खेल)
डेटा कलेक्शन:
व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए अमेरिका में लोन लेने वालों का डेटा जुटाया जाता था।
फर्जी भरोसा:
कॉल कर पीड़ितों को बताया जाता था कि उनका सिबिल स्कोर खराब है और उसे सुधारने में मदद की जाएगी।
क्लोन चेक से रकम ट्रांसफर:
टेक्निकल टीम फर्जी चेक बनाकर पीड़ित के खाते में छोटी रकम ट्रांसफर कर देती थी, जिससे विश्वास बढ़े।
गिफ्ट कार्ड के जरिए वसूली:
पीड़ित को बताया जाता कि कंपनी ने उसके खाते में पैसा डालकर सिबिल सुधार दिया है, अब वह रकम गिफ्ट कार्ड के रूप में वापस करे।
हवाला के जरिए ट्रांजेक्शन:
गिफ्ट कार्ड को कैश में बदलकर रकम हवाला के जरिए मास्टरमाइंड तक पहुंचाई जाती थी।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी वारंट से डराते थे
आरोपी पीड़ितों को डराने के लिए फर्जी अरेस्ट वारंट तैयार रखते थे और “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर उनसे पैसे वसूलते थे। यह साइबर ठगी का नया और खतरनाक तरीका माना जा रहा है। भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
67 मोबाइल फोन
18 लैपटॉप
28 कंप्यूटर सेट
3 वाईफाई राउटर
कुल 16.53 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
इन धाराओं में मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ थाना गंज और न्यू राजेन्द्र नगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
मास्टरमाइंड अब भी पुलिस के रडार पर
पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह का संचालन अहमदाबाद से हो रहा था, जबकि टेक्निकल और रिडीम ग्रुप के कुछ सदस्य विदेशों, खासकर चीन में बैठे हैं। पुलिस अब मास्टरमाइंड और अंतर्राष्ट्रीय लिंक की तलाश में जुटी है।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लोन ऑफर या सिबिल सुधार के नाम पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
यह कार्रवाई न सिर्फ रायपुर बल्कि पूरे देश में सक्रिय साइबर ठग गिरोहों के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है।





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