लगातार शिकायतों के बाद हथबंध पंचायत सचिव का तबादला, प्रशासन ने जारी किया जनप्रतिनिधियों ने उठाए थे गंभीर आदेश आरोप
बलौदाबाजार। जनपद पंचायत सिमगा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश पंचायतों में पारदर्शिता, सुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
कार्यालय जनपद पंचायत सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी ज्ञापन पत्र क्रमांक 3293/पंचा. सचि./स्था./ज.पं./2025-26, दिनांक 25 फरवरी 2026 के प्रस्ताव के आधार पर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण का आदेश लागू किया गया है। बताया जा रहा है कि यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक 3640 (A)/पंग्रविवि/2006, दिनांक 29 अगस्त 2008 में पंचायत कर्मियों की सेवा शर्तों से संबंधित जारी मार्गदर्शिका के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।
*सचिवों का स्थानांतरण*
जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत रिंगनी में पदस्थ पंचायत सचिव हीरालाल यादव को ग्राम पंचायत हथबंध में पदस्थ किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत केसदा की सचिव मधु वर्मा को ग्राम पंचायत रिंगनी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित पंचायत सचिवों को आदेश जारी होने की तिथि से 7 दिवस के भीतर अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा।
यदि निर्धारित समयावधि के भीतर सचिवों द्वारा कार्यभार ग्रहण नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
*हथबंध पंचायत में लगातार उठ रहे थे सवाल*
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत हथबंध में पदस्थ रहे सचिव विनोद वैष्णव को लेकर पिछले कुछ समय से पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच असंतोष का माहौल बना हुआ था। पंचायत के विभिन्न निर्माण कार्यों एवं योजनाओं में आर्थिक अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही थीं। ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों का आरोप था कि पंचायत में हो रहे कई विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी।
ग्राम पंचायत के उप सरपंच सहित महिला पंचों ने भी इस संबंध में कई बार आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि पंचायत में होने वाले निर्माण कार्यों, योजनाओं और आय-व्यय से जुड़ी जानकारी मांगने पर सचिव द्वारा संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती थी। इतना ही नहीं, कुछ महिला पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि जानकारी मांगने पर उनके साथ दुर्व्यवहारपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया जाता था।
*अभिलेख और जानकारी देने से भी इंकार के आरोप*
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि पंचायत के अभिलेख, कार्य आदेश, प्रशासनिक स्वीकृति, आय-व्यय विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी मांगने के बावजूद उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जाती थी। इससे पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि स्वयं को निर्णय प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस कर रहे थे।
जनप्रतिनिधियों का यह भी आरोप था कि पंचायत के कई कार्य बिना जानकारी और बिना चर्चा के किए जा रहे थे, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे थे।
*जिला स्तर तक पहुंची शिकायत*
बताया जाता है कि इन सभी शिकायतों को लेकर उप सरपंच एवं महिला पंचों द्वारा जिला पंचायत सीईओ कार्यालय में भी लिखित शिकायतें की गई थीं। पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने मांग की थी कि पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए ताकि पंचायत की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
*लगातार शिकायतों और बढ़ते विवाद के कारण यह मामला प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ था*।
*मंत्री के संज्ञान में आने के बाद हुई कार्रवाई*
*सूत्रों की मानें तो जब शिकायतों का सिलसिला*लगातार जारी रहा तो यह मामला अंततः छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा के संज्ञान में भी पहुंचा। मंत्री स्तर पर जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और पंचायत सचिवों के स्थानांतरण का निर्णय लिया गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
*ग्रामीणों को पारदर्शिता की उम्मीद*
ग्राम पंचायत हथबंध के कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों को लेकर कई सवाल उठ रहे थे और पारदर्शिता की कमी महसूस की जा रही थी। अब सचिव के स्थानांतरण के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि पंचायत की व्यवस्था बेहतर होगी और योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक पारदर्शी ढंग से किया जाएगा।
*प्रशासन की नजर आगे भी रहेगी*
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पंचायतों में सुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। यदि किसी भी पंचायत में अनियमितता या शिकायतें सामने आती हैं तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जनपद पंचायत सिमगा द्वारा जारी यह स्थानांतरण आदेश क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में पंचायत की कार्यप्रणाली में क्या बदलाव आते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।





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