लोकतंत्र सेनानियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल, हर महीने मिलेगी 25 हजार रुपये तक सम्मान राशि
छत्तीसगढ़ सरकार ने आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में नई योजना का मसौदा तैयार किया है। ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम, 2026’ के तहत पात्र लोगों को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में न्यूनतम 8 हजार रुपये और अधिकतम 25 हजार रुपये तक की राशि देने का प्रावधान रखा गया है।
जेल अवधि के अनुसार तय होगी राशि
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, सम्मान राशि जेल में बिताए गए समय के आधार पर दी जाएगी।
1 महीने से कम अवधि के लिए 8,000 रुपये प्रति माह
1 से 5 महीने तक के लिए 15,000 रुपये प्रति माह
5 महीने से अधिक अवधि के लिए 25,000 रुपये प्रति माह
इसके साथ ही यदि किसी लाभार्थी का निधन हो जाता है, तो उसके जीवनसाथी को इस राशि का आधा हिस्सा आजीवन दिया जाएगा।
मुफ्त इलाज और अंतिम संस्कार में सहायता
सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह चिकित्सा सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, किसी सेनानी के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा और परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
पात्रता के लिए जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा, जिन्हें आपातकाल के दौरान मीसा (MISA) या डीआईआर (DIR) के तहत राजनीतिक या सामाजिक कारणों से हिरासत में लिया गया था। जिन लोगों का उस समय आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। योग्य व्यक्तियों को जिला प्रशासन द्वारा पहचान पत्र जारी किया जाएगा।
आवेदन और चयन की प्रक्रिया
पात्र आवेदकों को अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जेल अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
चयन के लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें प्रभारी मंत्री, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक शामिल रहेंगे।
नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेता है, तो उससे पूरी राशि वापस ली जाएगी। साथ ही, राष्ट्रविरोधी या अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर लाभ को तुरंत समाप्त किया जा सकता है।
सुझाव देने के लिए खुला मंच
इस योजना के मसौदे पर सरकार ने आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। नागरिक 30 दिनों के भीतर अपने सुझाव सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन) को भेज सकते हैं, जिससे योजना को और प्रभावी बनाया जा सके।










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