महतारी वंदन योजना: ई-केवाईसी की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 30 जुलाई 2026 तक मौका
रायपुर/छत्तीसगढ़। राज्य की लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन ने बहुप्रतीक्षित निर्णय लेते हुए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब प्रदेश की पात्र महिला हितग्राही 30 जुलाई 2026 तक अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकेंगी। इससे पहले यह अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर महिलाओं को अतिरिक्त समय दिया गया है।
दरअसल, शासन के संज्ञान में यह बात आई थी कि बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न कारणों से अब तक ई-केवाईसी नहीं करा सकी हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी का अभाव, तकनीकी समस्याएं और समय की कमी जैसी चुनौतियों के चलते यह प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। यदि कोई ऑपरेटर, एजेंट या अन्य व्यक्ति ई-केवाईसी के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो यह पूरी तरह अवैध माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से महिलाएं अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर आसानी से ई-केवाईसी करा सकती हैं। इसके अलावा पंचायत स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को समय पर सत्यापन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ लगातार प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। बिना सत्यापन के लाभार्थियों के खाते में राशि का अंतरण प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी पात्र महिलाओं से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी गड़बड़ी, लापरवाही या अवैध वसूली की शिकायत मिलती है, तो उसकी तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं को भी जागरूक करते हुए कहा गया है कि वे किसी भी तरह की समस्या या शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी या विभाग को सूचित करें।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश की हजारों महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। अब वे बिना किसी दबाव और जल्दबाजी के अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकेंगी और योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करती रहेंगी। शासन का उद्देश्य साफ है—हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से पहुंचाना।













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