विकास और विश्वास बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी- डॉ. चरण दास महंत : नक्सलवाद पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत का बड़ा बयान 


मनेंद्रगढ़ । छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने नक्सलवाद को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि नक्सलवाद पूरे देश से पूरी तरह समाप्त हो जाए, तो यह न केवल सरकार बल्कि पूरे देश के लिए खुशी और संतोष की बात होगी, जिसका सभी लोग खुले दिल से स्वागत करेंगे।

डॉ. महंत ने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1995 में जब वे मध्यप्रदेश के गृह मंत्री थे, तब नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण था और कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद एक जटिल और दीर्घकालिक समस्या है, जिसे किसी एक सरकार के प्रयासों से पूरी तरह समाप्त करना आसान नहीं है। इस दिशा में लगातार और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यह कहना उचित नहीं होगा कि किसी एक सरकार ने ज्यादा या कम काम किया है, क्योंकि यह समस्या सभी सरकारों के साझा प्रयास से ही खत्म हो सकती है। खासकर बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा करना हर सरकार का पहला कर्तव्य है।

डॉ. महंत ने यह भी कहा कि नक्सलवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और इसकी वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जमीनी स्तर पर हालात का आकलन जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल दावे करने के बजाय वास्तविकता को स्वीकार कर ठोस रणनीति बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि हमारे जवान कठिन परिस्थितियों में बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात हैं और आम जनता की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

अंत में उन्होंने कहा कि नक्सलवाद केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक चुनौती भी है। इसके समाधान के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास, शिक्षा, रोजगार और जनजागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी दल की हो, बस्तर की जनता की सुरक्षा, विकास और विश्वास बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जब तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक सुरक्षा बलों की तैनाती और सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।