सारंगढ़ में पत्रकार-अधिवक्ता से मारपीट मामला: संपादक पी.एल. कुर्रे ने की कड़ी निंदा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सरसींवा/सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मुख्यालय में पत्रकार और अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सृजन भूमि छत्तीसगढ़ दैनिक अखबार एवं न्यूज़ के चीफ एडिटर पी. एल. कुर्रे (प्रीतलाल कुर्रे) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

बताया जा रहा है कि एक अधिवक्ता अपनी माता के लंबित पीएम किसान सम्मान निधि प्रकरण को लेकर कृषि विभाग कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ एक पत्रकार भी मौजूद थे। प्रक्रिया के तहत उन्हें जिला कृषि अधिकारी से कृषि विस्तार अधिकारी के पास भेजा गया, जहां आरोप है कि कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण पटेल का व्यवहार अचानक उग्र हो गया और कथित रूप से मारपीट की घटना हुई।

घटना का एक गंभीर पहलू यह भी बताया जा रहा है कि उपसंचालक कृषि की मौजूदगी में पीड़ितों को कार्यालय से बाहर जाने से रोका गया। मामले का सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद 24 घंटे बाद तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आरोपी अधिकारी को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।

इधर, पत्रकार महाकल्याण संघ, सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने भी घटना की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि—

दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं हुई

निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं हुई

पीड़ितों को सुरक्षा नहीं मिली

संपादक पी.एल. कुर्रे ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “कलम को दबाने की हर कोशिश का जवाब मजबूती से दिया जाएगा।”

अब बड़ा सवाल: क्या जिले में कानून का राज कायम रहेगा या अफसरशाही हावी होगी?