बड़ी खबर | *रायपुर में जमीन विवाद, प्रदूषण और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया*


रायपुर से एक ही व्यक्ति द्वारा की गई तीन अलग-अलग शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


 *जमीन पर कब्जा और मारपीट का आरोप*

आवेदक जितेन्द्र चक्रधारी ने थाना उरला में शिकायत दर्ज कराई है कि ग्राम गुम्मा स्थित उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर सड़क निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। 

पीड़ित के अनुसार, घटना के दौरान उन्हें कुछ समय तक बंधक बनाकर रखा गया और मोबाइल भी छीन लिया गया।



फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप  - दूसरी शिकायत में Prime Ispat Private Limited पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं*।

कहा गया है कि फैक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक युक्त गंदा पानी बिना शोधन के उनकी जमीन में छोड़ा जा रहा है। 

इससे लगभग 2.5 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है, मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है और आसपास के ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का उल्लंघन है।

*उच्च स्तर पर कार्रवाई की मांग*

इसमें अवैध कब्जा, सड़क निर्माण, प्रदूषण, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

*प्रशासन से प्रमुख मांगें*

स्थल निरीक्षण कर तत्काल जांच

प्रदूषित पानी के सैंपल की जांच

अवैध कब्जा और निर्माण पर रोक

दोषियों पर FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई

पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना

*स्थिति क्या है?

फिलहाल मामला प्रशासन और संबंधित विभागों के संज्ञान में है।

अब देखना होगा कि रायपुर प्रशासन और पर्यावरण विभाग इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।