रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक खर्च में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के संयमित उपयोग के लिए कई मितव्ययिता संबंधी निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। ये निर्देश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। जारी आदेश के तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों तथा निगम, मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों के उपयोग की अनुमति दी गई है। साथ ही सभी विभागों को शासकीय संसाधनों का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से शासकीय वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने को कहा गया है, ताकि एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले अधिकारियों के लिए अलग-अलग वाहनों के बजाय साझा परिवहन का उपयोग हो सके।

वित्त विभाग के आदेश में विदेश यात्राओं पर भी सख्ती दिखाई गई है। अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के खर्च पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी अनिवार्य यात्रा के लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।

सरकार ने विभागों को भौतिक बैठकों के बजाय वर्चुअल और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, विभागीय समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएंगी तथा भौतिक बैठकें यथासंभव महीने में केवल एक बार आयोजित होंगी।

ऊर्जा बचत को लेकर भी सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कार्यालयीन समय के बाद सभी विद्युत उपकरण जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखना अनिवार्य किया गया है। सरकारी भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए विशेष उपाय करने को कहा गया है।

डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (.pdf/.ppt) के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यालयीन पत्राचार और फाइलों का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office प्रणाली के माध्यम से करने को कहा गया है, ताकि कागज और स्टेशनरी पर होने वाले खर्च में कमी लाई जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर भी सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। विभागों को निर्देशित किया गया है कि भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बजाय अधिकतम उपयोग IGOT कर्मयोगी पोर्टल का किया जाए। सभी विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्त विभाग द्वारा जारी यह आदेश राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिवालय, विधानसभा सचिवालय, उच्च न्यायालय, विभिन्न आयोगों, विभागाध्यक्षों और सभी जिला कोषालयों सहित संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। सरकार ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।