रायपुर — रायपुर सफाई कर्मचारी हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह प्रभावित रहा। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हड़ताल खत्म कराने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया गया। कुछ कर्मचारियों को पुलिस वाहनों में बैठाकर मोवा थाना और तूता धरना स्थल ले जाया गया।

सुबह से बढ़ा तनाव, मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम

शुक्रवार को महापौर मीनल चौबे की चेतावनी के बाद शनिवार सुबह माहौल और गर्म हो गया। तहसीलदार, नगर निगम अधिकारी और पुलिस बल एक साथ प्रदर्शन स्थल पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे हड़ताल खत्म करने का दबाव बनाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ देर तक बहस चलती रही। फिर अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। सड़क किनारे खड़े कई कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग किया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि माहौल कुछ मिनटों के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया था। 

शहर में कचरे का संकट गहराया

हड़ताल का असर अब सीधे शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखने लगा है। कई मोहल्लों में कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। गर्म मौसम और बदबू से लोग परेशान हैं। शनिवार सुबह कई कॉलोनियों में लोग खुद कचरा लेकर डंपिंग पॉइंट तक जाते दिखाई दिए। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी नहीं लौटने से परेशानी बढ़ रही है। कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन के बीच अब तक सहमति नहीं बन पाई है।