151 रचनाकारों का हुआ सम्मान, रायपुर में संपन्न हुआ "काव्य महाकुंभ"
रायपुर, 31 मई 2026। प्रदेश की अग्रणी सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा राजधानी रायपुर के वृन्दावन सभागृह में भव्य "काव्य महाकुंभ" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 151 रचनाकारों को "शब्द शिखर सम्मान" से सम्मानित किया गया।
संस्था के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि रायपुर, बस्तर, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बालोद, रायगढ़, बिलासपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दल्ली राजहरा एवं बेमेतरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया और सम्मान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गीतेश अमरोहित थे, जबकि अध्यक्षता डॉ. संयुक्ता गांधी ने की। विशिष्ट अतिथियों में सुशील सन्नी अग्रवाल, राजकुमार धर द्विवेदी, पंडित पी. के. तिवारी, सीमा पांडेय, डॉ. रूपेंद्र कवि एवं डॉ. अजीत मिश्रा शामिल रहे।
इस अवसर पर उमेश कुमार श्रीवास की दो पुस्तकों "पांच आगर एक कोरी" एवं "काव्य प्रत्यूषा" तथा डॉ. लुनेश कुमार वर्मा की पुस्तक "माँ की रोटी" का विमोचन भी किया गया।
अपने संबोधन में राजेश पराते ने कहा कि वक्ता मंच पिछले 34 वर्षों से साहित्यकारों को सम्मानित कर उनकी सृजनशीलता को प्रोत्साहित करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांव-गांव तक रचनात्मक गतिविधियां जारी हैं और साहित्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध कथन "साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है" को उद्धृत करते हुए कहा कि साहित्यकारों को वर्तमान समय की चुनौतियों के बीच रचनात्मक हस्तक्षेप करना चाहिए। साहित्य समाज की पीड़ाओं, संवेदनाओं और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज होता है तथा जनमानस को प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करता है।
कार्यक्रम का संचालन संयोजक शुभम साहू ने किया, जबकि काव्य गोष्ठी सत्र का संचालन राजाराम रसिक ने किया। अंत में संस्था की संरक्षिका ज्योति शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर वक्ता मंच के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे।












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