प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी, बेमेतरा में कृषि विज्ञान केंद्र में हुआ सीधा प्रसारण



बेमेतरा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ₹18,880 करोड़ की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा में सजीव प्रसारण किया गया, जिसमें जिले के प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


जिला स्तरीय कार्यक्रम में बेमेतरा, नवागढ़, साजा एवं बेरला विकासखंड के किसानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता श्री विजेंद्र सिंह राठी (प्रदेश संयोजक, प्रकल्प किसान मंच) थे, जबकि अध्यक्षता श्री युवराज सिंह ठाकुर (जिलाध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री कौशल सिन्हा, श्री मनोज पुरी गोस्वामी एवं श्री राजू गायकवाड़ उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी एवं मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया।


कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. रजनी डी. अगासे ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्राकृतिक खेती की उपयोगिता एवं लाभों की विस्तार से जानकारी दी।


वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने किसानों को जैविक खाद निर्माण की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देते हुए वर्मीकम्पोस्ट, वर्मीवाश, गोबर खाद, नाडेप खाद एवं हरी खाद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता, जलधारण क्षमता एवं कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाकर फसल उत्पादन को बेहतर बनाती है। इससे खेती की लागत कम होती है तथा गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन प्राप्त होता है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की शपथ भी दिलाई।


इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र जोशी ने फसल अवशेष प्रबंधन, डॉ. डोमन सिंह टेकाम ने जैविक खेती के विभिन्न घटकों तथा डॉ. लव कुमार ने जैविक कल्चर के उपयोग की वैज्ञानिक विधियों पर विस्तार से जानकारी दी।


कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषि प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें आधुनिक एवं जैविक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए नई तकनीकों के प्रति रुचि दिखाई।


अंत में उप संचालक कृषि के प्रतिनिधि के रूप में सहायक संचालक कृषि श्री श्याम लाल ने सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।


कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम सहायक श्री शिवकुमार सिन्हा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विजय टंडन, कृषि विस्तार अधिकारी श्री मयाराम दिनकर, श्री ओमप्रकाश जाटव, श्री फागुराम बघेल, श्री मिलाप, कमलेश, राजेश पाठक, शिवशंकर, गोकुल, कृष्णा साहू एवं धर्मेंद्र यदु सहित कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।