धरसींवा में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा गया
धरसींवा/रायपुर। पत्रकारों की सुरक्षा और उन पर दर्ज कथित फर्जी मामलों के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने सोमवार को धरसींवा में प्रदर्शन करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग उठाई। संगठन के पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों ने धरसींवा रेस्ट हाउस में सभा आयोजित करने के बाद पैदल मार्च निकाला और धरसींवा थाना पहुंचकर पुलिस महानिदेशक एवं गृह मंत्री के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
महासंघ का कहना है कि प्रदेश में पत्रकारों पर फर्जी एफआईआर, मुकदमे और प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता प्रभावित हो रही है। संगठन ने मांग की कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
ज्ञापन में विशेष रूप से धरसींवा के एक पत्रकार के मामले का उल्लेख किया गया, जिसे संगठन के अनुसार क्षेत्र में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को उजागर करने के बाद सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच और पत्रकार के विरुद्ध दर्ज प्रकरण को निरस्त करने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ कथित साजिशन कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कानूनी प्रावधान बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी, संजीव सेन, राजू वर्मा, तुकेश्वर टिक्कू लोधी, लोमश देवांगन, उस्मान सैफी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
मुख्य मांगें:
- पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू किया जाए।
- पत्रकारों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
- पत्रकारों के विरुद्ध कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।











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