बलौदाबाजार में सनसनी: कटगी सरपंच व बीडीसी सदस्य पर गैंगरेप का आरोप, पीड़िता ने एसपी से लगाई न्याय व सुरक्षा की गुहार


बलौदाबाजार/कसडोल। कसडोल क्षेत्र से जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। एक महिला ने ग्राम पंचायत कटगी के सरपंच जयसिंह पैकरा और बीडीसी सदस्य अंजीव जायसवाल पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो अलग-अलग अवसरों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला का यह भी दावा है कि थाना स्तर पर शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक (एसपी) बलौदाबाजार को लिखित आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है।

पीड़िता के आवेदन के अनुसार, आरोपियों ने पंचायत में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर पहले उसे अपने विश्वास में लिया। महिला का आरोप है कि 1 जनवरी 2026 को अधिकारी से मुलाकात कराने के बहाने उसे कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध दोनों आरोपियों ने दुष्कर्म किया। इसके बाद नौकरी का आश्वासन देकर चुप रहने का दबाव बनाया गया।


महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि 14 जून 2026 को दोबारा नौकरी पक्की कराने का झांसा देकर उसे बुलाया गया और एक अन्य सुनसान स्थान पर ले जाकर फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।


पीड़िता का कहना है कि 24 जून 2026 को वह अपने परिजनों के साथ थाना कसडोल पहुंची थी, जहां उससे पूछताछ तो की गई, लेकिन उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही शिकायत की कोई पावती दी गई।


अपने आवेदन में पीड़िता ने आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक धमकी एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा, चिकित्सीय परीक्षण, निष्पक्ष जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही थाना स्तर पर हुई कथित लापरवाही की जांच कराने का भी अनुरोध किया है।


मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा है। हालांकि, ये आरोप पीड़िता द्वारा दिए गए लिखित आवेदन पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है और उनकी सत्यता पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।


समाचार प्रकाशित किए जाने तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा संबंधित थाना की ओर से कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हुआ था। पुलिस या आरोपित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।