PMAY कचना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
जमीन से सटा ट्रांसफॉर्मर और खुले विद्युत कनेक्शन बने खतरे की घंटी, बरसात से पहले रहवासियों ने प्रशासन को चेताया
रायपुर। राजधानी रायपुर के कचना स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले सैकड़ों परिवार इन दिनों मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। कॉलोनी के रहवासियों का आरोप है कि पिछले 2 से 3 वर्षों से लगातार संबंधित विभागों का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले कॉलोनी की सबसे बड़ी चिंता बिजली सुरक्षा को लेकर सामने आई है।
रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी परिसर में स्थापित कई विद्युत ट्रांसफॉर्मर अत्यंत असुरक्षित स्थिति में हैं। ट्रांसफॉर्मर जमीन से बहुत कम ऊंचाई पर लगाए गए हैं तथा कई स्थानों पर उनके नीचे और आसपास खुले विद्युत कनेक्शन एवं केबल दिखाई देते हैं। कॉलोनी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं और लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसी स्थिति में यदि कोई बच्चा अनजाने में ट्रांसफॉर्मर या खुले विद्युत भागों के संपर्क में आ जाए, तो गंभीर दुर्घटना या जनहानि हो सकती है।
26 जून 2026 को कॉलोनी के रहवासियों ने परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा घेराबंदी का अभाव दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान जलभराव होने पर खुले विद्युत कनेक्शन और भी अधिक खतरनाक हो सकते हैं। यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
रहवासियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। किंतु यदि कॉलोनी में मूलभूत सुरक्षा व्यवस्था ही सुनिश्चित न हो, तो योजना का उद्देश्य प्रभावित होता है। उनका कहना है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कॉलोनीवासियों ने नगर निगम रायपुर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), हाउसिंग बोर्ड तथा जिला प्रशासन से तत्काल संयुक्त निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली लगाई जाए, खुले विद्युत कनेक्शनों को सुरक्षित किया जाए, ट्रांसफॉर्मरों की ऊंचाई तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए तथा बरसात से पहले संपूर्ण विद्युत व्यवस्था का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
रहवासियों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस जनहित के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से पहले आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
रहवासियों की प्रमुख मांगें:
- कॉलोनी के सभी ट्रांसफॉर्मरों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण।
- ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेराबंदी (फेंसिंग) की व्यवस्था।
- खुले विद्युत तारों एवं कनेक्शनों की तत्काल मरम्मत।
- बरसात से पहले संपूर्ण विद्युत सुरक्षा ऑडिट।
- जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर समस्याओं का शीघ्र निराकरण।
"सुरक्षा में लापरवाही किसी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए समय रहते प्रभावी कार्रवाई ही जनहित में सबसे आवश्यक कदम है।"











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