रायपुर। रायपुर में रिकार्ड तोड़ बारिश ने बड़ी आबादी को मुसीबत में डाल दिया। अधकचरा सिस्टम ने लोगों की नींद उड़ा दी। सड़कें तालाब बनी रही, घरों में नाले-नालियों का पानी घुस गया। कुछ इलाकों में किचन तक लबालब पानी नजर आया। जाहिर है, यहां चूल्हा ठंडा रहा। रायपुर में रविवार शाम तक 169 मिमी पानी बरसा, जिसे कमजोर व्यवस्था संभाल नहीं सकी और लोगों को मुसीबत में डाल दिया।
गौरतलब है, नगर निगम प्रशासन ने मानसून से पहले तीन चरणों में शहर के नालियों और बड़े नालों की सफाई का कराने दावा किया था, इसके लिए दस जोन के 70 वार्डों में नाला सफाई के लिए 350 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी, जेसीबी, पोकलेन मशीनों की व्यवस्था की गई। 4 जोन में नाला सफाई के लिए किराए की पोकलेन मशीन के लिए अलग से विशेष कार्ययोजना बनाकर स्वीकृति दी गई, पर शनिवार की शाम हुए तेज बारिश के आगे निगम प्रशासन के सारे दावे फेल हो गए। नालों की तले तक सफाई नहीं होने नालियों में जाम गंदगी को बाहर नहीं निकालने से बारिश में बदबूदार गंदा पानी ओवरफ्लो होकर कई रिहायशी कॉलोनियों और निचली बस्तियों के घरों में जा घुसा।
परशुराम नगर में लोगों के घरों में रात के समय चूल्हे नहीं जले
घर आंगन से लेकर किचन और गलियारे तक घुटनेभर पानी जमा होने से रतजगा की नौबत बन आई। प्रोफेसर कॉलोनी के सभी सेक्टरों के अलावा शीतला कॉलोनी के गली नंबर 1, 2,3, डबरीपारा, परशुराम नगर में लोगों के घरों में रात के समय चूल्हे नहीं जले। नगर निगम और वार्ड पार्षद ने समन्वय बनाकर प्रभावित घरों में भोजन के पैकेट और सुबह के समय नाश्ते की व्यवस्था लोगों की भूख मिटाई। शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड के सारथी पारा, पोतदारपारा के अलावया समता कालोनी जैसे पॉश इलाके में नाले-नालियों का गंदा पानी घर-आंगन में भर जाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में मोटर पंप के लिए 3 घंटे इंतजार
जोन-7 क्षेत्र के शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड के सारथीपारा, पोतदार पारा के रहवासी घरों में पानी घुसने से परेशान रहे। सारथीपारा में जलभराव की प्रमुख वजह धोबी तालाब के चारों तरफ अवैध कब्जा होना है। शिकायत के बावजूद निगम प्रशासन ने तालाब के चारों तरफ से अतिक्रमण नहीं हटाया है। तेज बारिश के कारण नाली का पानी ओवरफ्लो होकर बस्ती में जलभराव का कारण बना। वार्ड पार्षद दीपक जायसवाल ने इसकी सूचना जोन-7 के अधिकारियों को दी। जोन के अधिकारी स्पॉट पर आने के बाद भी घरों से गंदा पानी निकालने मोटर पंप के लिए लोगों को 3 घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके चलते जलभराव से राहत दिलाने के काम में देरी हुई। लोगों में इस बात को लेकर खासी नाराजगी देखने को मिली। वहीं वार्ड की पॉश कालोनियों में शुमार समता कालोनी में मंगलम नाले का बदबूदार गंदा पानी कीचड़ के साथ सड़क से होकर लोगों के आंगन तक पहुंच गया।
गांधीनगर, अणुव्रत रेसीडेंसी में अरमान नाले का पानी भरा
गुरु गोविंद सिंह वार्ड की गांधीनगर बस्ती और अणुव्रत रेसीडेंसी में जलभराव की समस्या से रहवासी खासे परेशान रहे। अरमान नाले की सही तरीके से सफाई नहीं होने से तेज बारिश में नाले की गंदगी ओवरफ्लो होकर गांधीनगर में जलभराव का कारण बनी। इसी तरह पं. जवाहरलाल नेहरू वार्ड के कबीरनगर, आदर्श चौक, आशियाना फेज 4 अपार्टमेंट में पानी भरने से लोग रातभर परेशान रहे। लोगों का कहना है, नाले को बंद करने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।
सतबहनिया मंदिर राजेंद्र नगर के पास दो दर्जन घरों में जलभराव
नगर निगम जोन-4 कमिश्नरी के पं. भगवतीचरण शुक्ल वार्ड के पुराना राजेंद्र नगर इलाके स्थित सतबहनिया मंदिर के पास दो दर्जन घरों में जलभराव होने से लोगों को रतजगा कर पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। लोगों का कहना है, रतन पैलेस के पास नाला पाट दिया गया है। वहीं कबाड़ का काम करने वालों ने पुलिया पाटकर रख दी है। इसके कारण गंदे पानी के निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। वार्ड पार्षद एवं एमआईसी सदस्य अमर गिदवानी का कहना है कि नाला सफाई के लिए 25 सफाई कर्मचारियों की गैंग बनी है, पर इनमें से आधे लोग की नाला सफाई के लिए आते है, इसके कारण नाले की सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पाई है। वार्ड को जलभाराव से बचाने कटोरा तालाब के सतपथी चौक के पास तीसरी पुल बनाने की जरूरत है। साथ ही कबाड़ियों ने जो अवैध कब्जा कर रखा है, उसे तोड़ना जरूरी है। इसके लिए जोन और निगम मुख्यालय को अवगत करा दिया है।










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