अमरटापू धाम में देवदास बंजारे की 21वीं स्मृति दिवस पर संगीत मय श्रद्धांजलि
80 से अधिक लोककला दलों ने दी प्रस्तुति, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने विकास के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा
अमरटापू धाम। सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं सतनामी लोककला के पुरोधा श्री देवदास बंजारे की 21वीं स्मृति दिवस के अवसर पर अमरटापू धाम में भव्य संगीत मय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 80 से अधिक लोककला दलों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से महान कलाकार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू रहे, जबकि क्षेत्रीय विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विधायक मोहले ने अपने विधायक निधि से कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक कला दल को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में गुरु घासीदास राज्य अलंकरण से सम्मानित श्रीमती समे शास्त्री, प्रसिद्ध सतनाम भजन गायिका श्रीमती शारदा चंदन, गायिका श्रीमती प्रतिमा बारले, सतनामी बघवा फेन श्री शशी रंगीला, भजन सम्राट श्री भगत गुलेरी, प्रसिद्ध लोकगायक श्री गोफेलाल गेंदले, निर्माता-निर्देशक श्री गोविंद दास डहरिया, फिल्म निर्देशक एवं लोकगायक श्री हेमलाल चतुर्वेदी, सतनाम भजन लोकगायक श्री यशवंत सतनामी, आईना नरेश चेलक, श्री जे.डी. बादल, प्रसिद्ध कलाकार श्री प्रीतम कोसरिया सहित बड़ी संख्या में कलाकार, समाज के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अमरटापू धाम के विकास के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने अमरटापू धाम के विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से 15 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। घोषणा का उपस्थित श्रद्धालुओं, कलाकारों और आयोजन समिति ने स्वागत किया।
कलाकारों ने सौंपा मांगपत्र
कार्यक्रम में प्रमुख कलाकारों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल के नाम मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में बलौदाबाजार घटना से संबंधित मामलों में सतनामी समाज के निर्दोष बताए जा रहे लगभग 250 नवयुवकों के प्रकरण नि:शर्त वापस लेने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
प्रतिनिधियों ने शासन से इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए निर्दोष युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल करने की मांग की।
देवदास बंजारे के नाम पर संस्थानों और स्मारकों की मांग
मांगपत्र में महान लोक कलाकार श्री देवदास बंजारे के कला एवं सांस्कृतिक योगदान को स्थायी रूप से संरक्षित एवं सम्मानित करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें उनके नाम पर छत्तीसगढ़ में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए केंद्र, ऑडिटोरियम और संग्रहालय स्थापित करने, भारत सरकार से उनके सम्मान में डाक टिकट जारी करने तथा पद्मश्री सम्मान के लिए पहल करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा धनोरा-दुर्ग से पाटन-अभनपुर मार्ग, धनोरा में नवनिर्मित महाविद्यालय और खम्हरिया में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का नामकरण भी श्री देवदास बंजारे के नाम पर करने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि श्री देवदास बंजारे ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकसंगीत और सतनाम भजन परंपरा को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कला और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनके नाम पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक संस्थानों की स्थापना और नामकरण आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में अमरटापू धाम के संचालक श्री दुर्गा बघेल ने सभी अतिथियों, कलाकारों, समाज के प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
अमरटापू धाम में आयोजित यह स्मृति समारोह केवल श्री देवदास बंजारे की कला और संगीत को याद करने का अवसर नहीं रहा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक विरासत को संस्थागत रूप से संरक्षित एवं सम्मानित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।















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